ज्योतिष एवं वास्तु में घडि़यों को किस प्रकार से परिभाषित किया गया है?

घडि़यां बीते हुए समय की द्योतक होती है। वास्तु में इन्हें शुभ या भाग्यवर्धक चिन्ह के रूप में नहीं देखा जाता। पुरानी, गुजरते हुए समय या बुढ़ापे की ओर संकेत करती हुई वस्तुएं किसी भी खास स्थान के कोण पर न लगाएं। यह खास ख्याल रखें कि द्वार से प्रवेश करते समय यह सर्वप्रथम प्रदर्शित न हो। खुशी के प्रमुख अवसर, त्योहार, जन्मदिवस आदि पर अपने मित्रों से घडि़यां न तो उपहार स्वरूप लें और न ही दें। यदि आपने ऐसा किया हो तो उन्हें या तो वापस कर दें या फिर उसका टोकन मूल्य चुका दें। घडि़यां, रूमाल, कैंची, छुरी और कांटेदार फूल ज्योतिष एवं वास्तु में गिफ्ट करना अशुभ समझा जाता है।

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